दो प्रकार के लोग होते है:
- पहले, जो शिक्षा खत्म होने के बाद नौकरी के लिए संघर्ष करते है
- और दुसरे वो, जो काम कर रहे है लेकिन वे पदोन्नती या पहचान पाना चाहते है
1. पहले प्रकार के लोग अपनी पात्रता के अनुसार यौग्य नौकरी/काम ढूंढने के लिए बहुत प्रयास करते है लेकिन योग्य काम प्राप्त करने में असफल होते है और दुःखी होते है।
2. दुसरे प्रकार के लोग कंपनी में बडी संख्या में कार्यरत कर्मचारी वर्ग से होते है। उनमें प्रदेश, व्यक्तित्व, बातचीत के तौर तरीके, वैश्विक नजरियां, व्यवहार, विचार प्रक्रियाए आदि भिन्न-भिन्न होती है।
हर कर्मचारी का परिस्थितीओं को प्रतिक्रिया देने का तरीका भिन्न हो सकता है, अलग पृष्ठभूमि काम में समस्याएं निर्माण कर सकती है। यह अंतर काम से संबंधित तनाव का मुख्य स्रोत बनाते है जो महत्वपूर्ण समस्या में बदल जाता है।
- मौके खोना
- योग्यता के अनुसार सही नौकरी ना मिलना
- काम की जगह पर खराब प्रतिष्ठा बनना
- पदोन्नती ना मिलना
- सहकर्मियों के साथ अच्छे संबंध ना होना
- काम की जगह पर नकारात्मक वातावरण
मानवगुरु के अनन्य सरल वास्तु अनुसार जब कोई विश्व शक्ति से सही से संपर्क में नहीं आता है तो उसे नौकरी से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। फीर भले ही वे हमेशा विश्व शक्ति से घिरे क्यो न रहते हों।
हां, यह निश्चित ही संभव है!
जब व्यक्ति विश्व शक्ति के साथ संपर्क स्थापित करता है, नौकरी/काम से संबंधित यह सारी समस्याएं आसानी से हल हो जाती है।
सभी धर्म के शास्त्रो में भगवान के बारे में बताया है। वह एक ही है जो न तो बनाया जा सकता है और न ही नष्ट हो सकता है। वो पैदा नहीं हुआ और ना कभी उसकी मृत्यु होगी। वो सर्वोच्च है। भगवान हर जगह है लेकिन कोई उसे देख नहीं सकता।
इस विश्व में एक अद्वितीय शक्ति है जिसे हम विश्व शक्ति कहते है। यह विश्व शक्ति भी विश्व में हर जगह मौजूद है लेकिन हम उसे देख नहीं सकते।
भगवान और विश्व शक्ति की विशेषताए एक जैसी है। फिर हम भगवान को विश्व शक्ति क्यों नहीं कह सकते?
विश्व शक्ति चेतना शक्ति है जो सदा हमारे आसपास रहती है। हम विश्व शक्ति को अलग-अलग नामों से जानते है जैसे कि, ‘प्राणशक्ति’ या फिर ‘वैश्विक ऊर्जा’ आदि।
विश्व शक्ति के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए मंदिर, मस्जिद, चर्च या अन्य किसी भी धार्मिक स्थल पर जाने की जरूरत नही है। आप जिस स्थान पर ज्यादा से ज्यादा समय व्यतित करते हो वही स्थल महत्वपूर्ण होता है।
हम तकरीबन दिन के 10 से 12 घंटे हमारे घर में और 8 से 10 घंटे हमारे कार्यस्थल पर बिताते है यानी हम दिन के 24 घंटो में से 20 से 22 घंटे अपने घर और कार्यस्थल पर बिताते है इसलिए यह दोनो स्थल पर हम विश्व शक्ति से संपर्क बना सकते है।
मानव गुरु का अनन्य सरल वास्तु मार्गदर्शन आपको और आपके परिवार को विश्व शक्ति से संपर्क बनाने में मदद करेगा।
वर्ष 2000 से, लाखो परिवार इसका अनुभव ले रहे है और आनंदमय जीवन जी रहे है।
विश्व शक्ति की विशेष कंपन तरंग होती है। ‘9’ अंक विश्व शक्ति का उच्च स्तरीय विशिष्ट कंपन तरंग है। हर व्यक्ति की अपनी उर्जा होती है जिसकी कुछ कंपन तरंग होती है। व्यक्ति जिस स्थान पर रहता है / कार्य करता है उसकी भी अपनी उर्जा होती है जिसकी कुछ कंपन तरंग होती है।
अन्य शब्दो में कहा जाए तो जब विश्व शक्ति व्यक्ति के शरीर में संचालित होती है तब शरीर की अरबों कोशिकाओं को विश्व शक्ति की आपुर्ति होती है और यह शरीर की कोशिकाओं और अंगो को अधिकतम उर्जान्वित और क्रियाशील बनाने मे मदद करती है।
इसके परिणाम स्वरुप व्यक्ति शारीरिक, मानसिक, आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक दृष्टी से 9 से 180 दिनों में सकारात्मक बदलावों का अनुभव करने लगता है।
एकबार विश्व शक्ति से संपर्क बन जाता है, तो विश्व शक्ति कुछ इस तरह सकारात्मक परिणाम देना शुरु करेगी:
- आपको उन स्थानों पर जाने का मार्गदर्शन मिलेगा जहां नौकरी के नए अवसर उपलब्ध हैं।
- आप सही लोगों से जुड़ पाएंगे जो आपको सही नौकरी खोजने में मदद करेंगे
- कार्यक्षेत्र में आपको अच्छी प्रतिष्ठा मिलेगी और आपको पदोन्नति भी मिलेगी
- आपके कार्यस्थल पर काम करने का अच्छा माहौल रहेगा।
- आप अपने सहकर्मियों के साथ बेहतर संबंध बनाए रखेंगे